बढ़ती बेरोजगारी एक गम्भीर समस्या
नमस्कार दोस्तों वर्तमान में जो हमारे देश में हाहाकार मच रखा है इससे सभी वाकिफ हैं। 2020 से पहले बेरोजगारी का जो दौर चल रहा था वह दौर इस कोरोना महामारी के आने के बाद काफी बढ़ गया हैं
बेरोजगारी किसी भी देश के विकास में प्रमुख बाधाओं में से एक है। भारत में बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है। शिक्षा का अभाव, रोजगार के अवसरों की कमी और प्रदर्शन संबंधी समस्याएं कुछ ऐसे कारक हैं जो बेरोज़गारी का कारण बनती हैं। ... विकासशील देशों के सामने आने वाली मुख्य समस्याओं में से एक बेरोजगारी है।
बेरोजगारी समाज के लिए एक अभिशाप है। इससे न केवल व्यक्तियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है बल्कि बेरोजगारी पूरे समाज को भी प्रभावित करती है। कई कारक हैं जो बेरोजगारी का कारण बनते हैं।
बेरोजगारी के कारण लोग अपने परिवार तथा गांवों से दूर काम करने के लिए जाते है।
वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थिति और भी गम्भीर बन चुकी हैं। क्योंकि इस महामारी के कारण पूरे देश मे lockdown है जिसका असर देश के सबसे बड़े
हिस्से मजदूर वर्ग पर ज्यादा पड़ रहा है। मजदूर वर्ग के लोगों के पास कोई काम नहीं हैै।
कोरोना वायरस के चलते बिगड़ते हालात के असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोगोंं के रोजगार पर भी पड़ रहा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के मुताबिक मई में देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 27.1 फीसद हो गई है। सीएमआईई के मुताबिक कोविड-19 संकट के चलते देश में बेरोजगारी की दर तीन मई को सप्ताह के दौरान बढ़कर 27.11 प्रतिशत हो गई। अप्रैल के महीने में 9 करोड़ लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा।
तथा lockdown के कारण मजदूर वर्ग पूरी तरह से बेसहारा हो चुका है ना तो उनके पास काम है जिसके कारण उनके पास ना तो पैसे है, ना खाने के लिए राशन और ना ही रहने के लिए घर ।
मजदूर वर्ग पर इस महामारी का सबसे बड़ा असर दिखने को मिल रहा है क्योंकि इस महामारी के कारण वो अपने परिवार का पोषण करने में भी असमर्थ है।
सरकार ने अब तक इस संकट से निपटने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय प्रोत्साहन की घोषणा की है, जिसका बड़ा हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आय और भोजन सहायता मुहैया कराने के लिए है। सीएमआईई की साप्ताहिक श्रृंखला के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से बेरोजगारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और यह 29 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान 23.81 प्रतिशत थी। सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मासिक बेरोजगारी की दर 23.52 प्रतिशत थी।
इस संकट से निपटने के लिए सरकार के कोशिशें कर रही है उसके बावजूद भी कई गरीब लोग भूख से पीड़ित है।
बेरोजगारी का खत्मा
यदि हम सद्भक्ति करेंगे तो परमात्मा हमे सभी प्रकार का लाभ देते है पूर्ण परमात्मा के लिए कुछ भी असम्भव नही है फिर रोजगार देने कौनसी बड़ी बात है।
इस कोरोना महामारी के समय संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से प्रेरित होकर उनके अनुयायी गरीब, बेरोजगार तथा मजदूर लोगों की मदद राशन का सामान पहुँचाकर कर रहे है।
संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान जरूर सुने
साधना चैंनल पर शाम 7:30 बजे से 8:30बजे
जीने की राह तथा ज्ञान गंगा पुस्तक फ्री में डाउनलोड करके जरूर पढ़ें




No comments:
Post a Comment